Viral video: यहां टीचर्स-डे पर शिक्षिकाओं ने स्कूली बच्चों के सामने शिक्षक को पीटा: पांच शिक्षक सस्पेंड, घटना का वीडियो हुआ वायरल
Viral video: यहां टीचर्स-डे पर शिक्षिकाओं ने स्कूली बच्चों के सामने शिक्षक को पीटा: पांच शिक्षक सस्पेंड, घटना का वीडियो हुआ वायरल
मामला बिहार के सासाराम के नोखा प्रखंड का है। जहां चनकी स्कूल परिसर में शिक्षक दिवस पर बच्चों के सामने मारपीट, गाली-गलौज और अमर्यादित व्यवहार का वीडियो वायरल हुआ। यहां शिक्षक दिवस के मौके पर ही शिक्षकों ने इस पेशे की गरिमा तारतार कर दी। शिक्षा विभाग ने मामले में पांच शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
5 सितंबर को छात्रों के सामने हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया। जांच के बाद विभाग ने पांचों शिक्षकों को गुरुवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
बीते 5 सितंबर को, जब पूरा देश शिक्षक दिवस मना रहा था, चनकी गांव में एक ही परिसर में संचालित उच्चतर माध्यमिक और मध्य विद्यालय में शिक्षक आपस में ही भिड़ गए। छात्रों के सामने ही शिक्षकों के बीच जमकर लात-घूंसे चले और तीखी गाली-गलौज हुई।
गुरुओं के इस अमर्यादित आचरण को देखकर वहां मौजूद छात्र सहम गए। इस पूरी घटना का वीडियो किसी ने सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया और शिक्षा विभाग की भारी किरकिरी हुई।
जांच रिपोर्ट के बाद गिरी गाज
घटना की गंभीरता को देखते हुए नोखा के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) ने मामले की संयुक्त जांच की। दोनों अधिकारियों ने 8 सितंबर को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी। इसके बाद, प्रभारी प्रधानाध्यापक की अनुशंसा पर रोहतास के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) की मंजूरी से पांचों आरोपी शिक्षकों को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया।
निलंबित शिक्षक और उनके नए मुख्यालय
निलंबन की अवधि के दौरान जिले के पांच शिक्षकों को अलग-अलग प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) कार्यालयों से संबद्ध किया गया है। निलंबन अवधि में इन शिक्षकों का नया मुख्यालय संबंधित BEO कार्यालय निर्धारित किया गया है।
जानकारी के अनुसार, अंजू कुमारी, शिक्षिका (वर्ग 9-10) को अकोढ़ीगोला BEO कार्यालय से संबद्ध किया गया है। वहीं अभिषेक उपाध्याय, विद्यालय अध्यापक को डिहरी BEO कार्यालय में नया मुख्यालय दिया गया है।
इसी तरह नित्यानंद भारती, शिक्षक (वर्ग 11-12) को कोचस BEO कार्यालय, उमा कुमारी, विशिष्ट शिक्षिका (वर्ग 6-8) को करगहर BEO कार्यालय तथा उमेश कुमार, शिक्षक (वर्ग 9-10) को चेनारी BEO कार्यालय से संबद्ध किया गया है।
निलंबन अवधि में इन सभी शिक्षकों को निर्धारित BEO कार्यालय में उपस्थित होकर अपने प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन करना होगा। संबंधित कार्यालयों को भी शिक्षकों की उपस्थिति और संबद्धता से जुड़े आवश्यक कार्यों के लिए निर्देशित किया गया है।
आचार नियमावली के उल्लंघन का दोषी माना
कार्यालय द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि इन शिक्षकों का यह कृत्य शिक्षक पद की गरिमा और मर्यादा के बिल्कुल विपरीत है।
इसे बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 (संशोधित-2026) के नियमों का घोर उल्लंघन और बेहद अमर्यादित आचरण माना गया है। विभाग के अनुसार, इस घटना से न केवल स्कूल का शैक्षणिक माहौल खराब हुआ, बल्कि समाज में भी बेहद गलत संदेश गया है।
आगे होगी विभागीय कार्रवाई
निलंबन की अवधि के दौरान इन सभी शिक्षकों को नियमानुसार केवल जीवनयापन भत्ता (गुजारा भत्ता) ही देय होगा। शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि मामला सिर्फ निलंबन तक ही सीमित नहीं रहेगा। इन सभी के खिलाफ अलग से विभागीय जांच शुरू की जा रही है। जल्द ही इनके खिलाफ आरोप-पत्र (चार्जशीट) गठित कर नियमों के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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