ॐ नमः शिवाय। सूर्यास्त के समय आसमान में सूर्यदेव ने बादलों के साथ अठखेलियाँ करते हुए करवाये भगवान भोलेनाथ के दर्शन। इसे संयोग कहें या कुछ और, किन्तु पलभर के लिए सूर्यदेव ने बादलों की ओट में जाकर भोलेनाथ के हमे दर्शन करवा दिए। बादलों के पीछे जैसे ही सूर्यदेव छिपने लगे वैसे ही सूर्यास्त के समय सुनहरे बादलों ने भोले शंकर की आकृति बना ली। नजारे को कैमरे में उतारने में पलभर की देर हुई वरना भोलेनाथ के साथ ही उनके त्रिशूल, डमरू, जटा से निकलती भागीरथी गंगा की धारा और नंदी को भी आपके सामने इस फोटो में प्रस्तुत कर पाता। फोटो ऋषिकेश से देहरादून की ओर आते हुए जौलीग्रांट एयरपोर्ट के पास कार से ली गयी है। जय भोलेनाथ।
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