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सूर्यास्त के समय सूर्यदेव ने बादलों की ओट में छिपकर कराए सुनहरे बादलों में भोलेनाथ के दर्शन।

ॐ नमः शिवाय। सूर्यास्त के समय आसमान में सूर्यदेव ने बादलों के साथ अठखेलियाँ करते हुए करवाये भगवान भोलेनाथ के दर्शन। इसे संयोग कहें या कुछ और, किन्तु पलभर के लिए सूर्यदेव ने बादलों की ओट में जाकर भोलेनाथ के हमे दर्शन करवा दिए। बादलों के पीछे जैसे ही सूर्यदेव छिपने लगे वैसे ही सूर्यास्त के समय सुनहरे बादलों ने भोले शंकर की आकृति बना ली। नजारे को कैमरे में उतारने में पलभर की देर हुई वरना भोलेनाथ के साथ ही उनके त्रिशूल, डमरू, जटा से निकलती भागीरथी गंगा की धारा और नंदी को भी आपके सामने इस फोटो में प्रस्तुत कर पाता। फोटो ऋषिकेश से देहरादून की ओर आते हुए जौलीग्रांट एयरपोर्ट के पास कार से ली गयी है। जय भोलेनाथ।

मांग का अर्थ, परिभाषा, मांग तालिका, मांग के प्रकार और मांग वक्र।

    सुशील डोभाल  प्रिय विद्यार्थियों, कोरोना के इस चुनौती भरे समय मे स्कूल कॉलेज बंद रहने के कारण आप सभी की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हुई है। हमारी सरकारें, विद्यलयी शिक्षा विभाग, विद्यालय प्रशासन, विभागीय अधिकारी और सभी शिक्षक आपकी शिक्षा दीक्षा को लेकर चिंतित हैं और विभिन्न माध्यमो से आप तक शैक्षिक सामग्री पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है साथ ही ऑनलाइन माध्यम से आपको विषयगत लाभ देने का प्रयास किया जा रहा है। आप मे से अनेक विद्यार्थी इन सुविधाओं का अच्छा लाभ ले रहे हैं किंतु कुछ छात्र-छात्राओं और अभिभावकों की उदासीनता चिंतनीय है। कक्षा 11 व 12 के अर्थशास्त्र विषय के विद्यार्थियों के लिए मैं समय समय पर "हिमवंत" के माध्यम से शैक्षिक सामग्री और नोट्स प्रस्तुत करता रहा हूँ, इसी क्रम में आज आपके लिए अर्थशास्त्र विषय मे "मांग का अर्थ, परिभाषा, प्रकार और मांग वक्र" को विस्तार से प्रस्तुत कर रहा हूँ। आशा है मेरा यह प्रयास आपके लिए उपयोगी सावित होगा।        मांग (Demand) एवं   पूर्ति (Supply)   अर्थशास्त्र में दो महत्वपूर्ण घटक होते हैं। हमा...

SCERT उत्तराखण्ड द्वारा आयोजित "स्वयं प्रभा" कार्यक्रम का 'हिमवंत' पर लें सरल ढंग से ऑनलाइन प्रशिक्षण.

   समस्त शिक्षक साथियों को मेरा नमस्कार. साथियों कोविड- 19  के कारण देशभर के स्कूल कॉलेज बंद है और कक्षा कक्षों में शिक्षण फ़िलहाल नहीं हो पा रहा है. मार्च से लेकर अभी तक स्कूलों के बंद रहने से विद्यार्थियों को जो शैक्षिक क्षति हुयी है उसकी भरपाई करना बेहद कठिन कार्य है. यथासंभव सभी शिक्षक विभिन्न माध्यमों से ऑनलाइन शिक्षण के द्वारा अपने विद्यार्थियों को लाभंविंत करने का प्रयास कर रहे है ,  लेकिन इंटरनेट कनेक्टिविटी और स्मार्टफोन आदि सुविधाओं के पहुँच सभी छात्र-छात्राओं तक न हो पाने और तकनिकी जानकारी के अभाव में यह कार्य अपने उद्देश्य को पूरा नहीं कर पा रहा है. कक्षा शिक्षण का विकल्प ऑनलाइन शिक्षण नहीं हो सकता ,  किन्तु हमारे सम्मुख आज जो परिस्थितियां खड़ी है उनको ध्यान में रखते हुए कोरोनाकाल में ऑनलाइन शिक्षण ,  टेलीविजन और रेडियों जैसे संचार माध्द्वायमों द्वारा शिक्षण बेहतरीन विकल्प सवित हो सकते हैं. इन्ही बातों को ध्यान में रखते हुए एस.सी.ई.आर.टी. उत्तराखण्ड द्वारा शैक्षिक कार्यक्रमों के प्रसारण के लिए प्रसिद्द "स्वयं प्रभा चैनल" के प्रयोग हेतु राज्यभ...

अपर शिक्षा निदेशक महावीर सिंह बिष्ट ने NATS कार्यक्रम में छात्रों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का किया आवाहन।

अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा महावीर सिंह बिष्ट ने समस्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यो, अभिभावकों व आम लोगो से राष्ट्रीय प्रशिक्षुता संवर्धन योजना (NATS) के लिए लाभार्थी छात्र छात्राओं को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया है। कौशल विकास योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा संचालित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षुओं की दक्षता को  बढ़ाना है। केंद्र सरकार युवाओं को उनके कार्यक्षेत्र में निशुल्क प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वावलंबी बनाती है और प्रशिक्षण लेने वाले प्रतिभागियों को आठ हजार रुपये प्रतिमाह तक की छात्रवृत्ति भी प्रदान करती है। राष्ट्रीय प्रशिक्षुता संवर्धन योजना 2020 उन सभी युवाओं और विद्यार्थियों के लिए है जो आईटीआई, फ्रेशर, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना और हाल ही में कक्षा 10 या उससे अगली किसी कक्षा में उत्तीर्ण हुए हैं। गढ़वाल मंडल के अंतर्गत समस्त शासकीय, अशासकीय और निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और अभिभावकों को सम्बोधित अपर शिक्षा निदेशक महावीर सिंह बिष्ट ने इस योजना की जानकारी लाभार्थी छात्रों तक पहुंचने की अपील की है। उन्होंन...

NEP2020: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, यहां पढ़ें विस्तार से।

National Education Policy 2020: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, यहां पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।  Click Here

उत्तराखंड राज्य कर्मचारी और पेंशनर्स ऐसे करें अटल आयुष्मान योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन,

सुशील डोभाल  राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने कर्मचारियों और पेंशनरों का गोल्डन कार्ड बनाने के लिए डाटा तैयार कर लिया है। योजना में कर्मचारी व पेंशनर के माता-पिता , 25  वर्ष की आयु के बेटा-बेटी ,  विधवा या    तलाकशुदा पुत्री को भी योजना का लाभ मिलेगा। राज्य कर्मचारी और पेंशनर्स अटल आयुष्मान योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते है. आवेदन के प्रक्रिया को विभिन्न चरणों में यहाँ समझाने का प्रयास कर रहा हूँ. आशा करता हूँ मेरा यह प्रयास आपके लिए उपयोगी सावित होगा.     राजकीय कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन आवेदन के प्रक्रिया- कर्मचारी सबसे पहले    Intigrated Financial Management System   पर जाएँ और नीचे बायीं और   Login CTS   पर क्लिक करें ,  आपकी स्क्रीन पर की नयी विंडो खुलेगी जिस पर निर्धारित स्थान पर आपको अपने कर्मचारी कोड और पासवर्ड और कैप्चा कोड लिखना होगा जिससे आप पोर्टल पर लॉग इन होकर अपने  Dashboard  पर पहुँच जायेंगे. अब बायीं और  My Claim  पर क्लिक करें और अंतिम विकल्प    State Government H...

उत्तराखंड में राजकीय कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों के शीघ्र बनेंगे 15 लाख गोल्डन कार्ड, राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने तैयार किया डाटा.

उत्तराखंड में सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों के 15 लाख गोल्डन कार्ड शीघ्र  बनाए जाएंगे। इसके लिए राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने कर्मचारियों और उनके आश्रितों का डाटा तैयार कर लिया है। सेवारत कर्मचारियों के कार्ड विभागीय डीडीओ (आहरण वितरण अधिकारी) और पेंशनरों के कार्ड कोषाधिकारी कार्यालय से बनेंगे।        राज्य सरकार ने प्रदेश के तीन लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को अटल आयुष्मान योजना के अंतर्गत असीमित खर्च तक कैशलेस इलाज की सुविधा दी है। इसमें आईपीडी और ओपीडी इलाज दोनों ही शामिल हैं। वहीं, कर्मचारियों और पेंशनरों को इलाज कराने के लिए सरकारी अस्पताल से रेफर करने की शर्त नहीं रहेगी। योजना में इलाज के लिए कर्मचारियों और पेंशनरों को प्रति माह के हिसाब से अंशदान की भी कटौती की जनि है.  राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने कर्मचारियों और पेंशनरों का गोल्डन कार्ड बनाने के लिए डाटा तैयार कर लिया है। सभी को मिला कर करीब 15 लाख कार्ड बनाए जाएंगे। योजना में कर्मचारी व पेंशनर के माता-पिता, 25 वर्ष की आयु के बेटा-बेटी, विधवा, तलाकशुदा पुत्री को भी योजना का ल...

शिक्षकों को 31 जुलाई तक स्कूल बुलाने के बजाय घरों से ऑनलाइन पढ़ाने के लिए मानव संशाधन विकास मंत्रालय ने सभी राज्यों को भेजा पत्र।

मानव संसाधन और विकास मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के शिक्षा सचिवों को पत्र लिखकर 31 जुलाई तक स्कूलों और कोचिंग संस्थानों को बंद रखने और शिक्षकों को स्कूल बुलाने के बजाय घर से काम करने के लिए कहा है। पत्र में सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्यों से 50% तक शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को "तत्काल प्रशासनिक कार्य" के लिए स्कूल बुलाने के अपने फैसले पर पुनर्विचार के लिए भी कहा गया है।   स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग की सचिव अनीता करवाल  द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि "गृह मंत्रालय ने अनलॉक 2 पर दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत यह निर्देश दिया गया है कि स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थान 31 जुलाई, 2020 तक बंद रहेंगे और ऑनलाइन / दूरस्थ शिक्षा की अनुमति जारी रहेगी और इसे प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए शिक्षकों से घरों से ही ऑनलाइन शिक्षण जारी रखा जाय तथा उन्हें स्कूलों, कॉलेजों और शैक्षिक संस्थानों में नहीं बुलाया जाय।       पत्र में करवाल ने सभी राज्यों  के  शिक्षा विभाग से अनुरोध किया...

कोविड-19 के दौरान और उपरांत स्कूली शिक्षा" पर मुख्य शिक्षा अधिकारी एसपी सेमवाल ने शिक्षकों के साथ कि ऑनलाइन परिचर्चा, दिए अनेक उपयोगी सुझाव।

टिहरी के मुख्य शिक्षा अधिकारी शिव प्रसाद सेमवाल ने कहा है कि मौजूदा दौर में कोरोना वायरस की वैश्विक महामारी ने जहां मानवीय गतिविधियों को ठहरा दिया है वहीं इसने इंशानो  को बहुत कुछ सीखा भी दिया है। इसका सबसे बड़ा बुरा प्रभाव स्कूली बच्चों के सीखने के क्रम पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि स्कूल बंद रहने के कारण इन दिनों अधिकतर शिक्षक ऑनलाइन शिक्षण के माध्यम को अपना रहे हैं किंतु समझना होगा कि सोशल मीडिया पर वीडियो, फोटोग्राफ अथवा कुछ लिखभेज देना ही ऑनलाइन शिक्षण नही है।      टाटा ट्रस्ट और हिमोत्थान एडुकेशनल ऐंड स्पोर्ट्स संस्था के द्वारा आयोजित "कोविड-19 के दौरान और उपरांत" विषय पर ऑनलाइन परिचर्चा के दौरान बतौर मुख्य वक्ता सीईओ टिहरी गढ़वाल शिव प्रसाद सेमवाल ने कहा कि दिसम्बर 2019 में चीन के वुहान शहर से शुरू हुए कोरोना के कहर ने देखते ही देखते दुनिया के 195 देशों को पूरी तरह अपने प्रभाव में ले लिया। आज कोरोना हमारे सामने एक गम्भीर समस्या है और इसके परिणाम भयावह है। कोरोना पर हम निश्चित ही आने वाले समय मे विजय प्राप्त कर लेंगे किन्तु इसकी भरपाई अगले कई वर्षों तक नही हो ...

वैश्विक महामारी के दौर में शिक्षकों, विद्यार्थियों और आमलोगों को हौसला दे रहे हैं अपर निदेशक माध्यमिक, महाबीर सिंह बिष्ट।

वैश्विक महामारी covid-19 के प्रभाव ने जहां आमलोगों को घरों में कैद कर दिया है वही विद्यलयी शिक्षा विभाग के एक अधिकारी सोशल मीडिया सहित विभिन्न माध्यमो से न केवल शिक्षकों, विद्यार्थियों और आम नौजवानों से संवाद कायम कर बदले हालातों के साथ तालमेल बनाते हुए निरन्तर आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहे है। हम बात कर रहे विद्यालयी शिक्षा विभाग में बतौर मंडलीय अपर निदेशक महावीर सिंह बिष्ट की, जो कोरोनाकाल में न सिर्फ शिक्षकों को ऑनलाइन शिक्षण में आधुनिक सूचना तकनीकी का प्रयोग करने के लिए प्रेरित करते रहे हैं बल्कि स्कूली बच्चों के साथ भी सोशल मीडिया के माध्यम से रूबरू होते हैं। रविबार 28 जून को अपर निदेशक बिष्ट चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी और पौड़ी के सैकड़ो शिक्षकों के साथ माइक्रोसॉफ्ट टीम्स ऐप के माध्यम से संवाद कायम करेंगे।     अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा, गढ़वाल मंडल महावीर सिंह बिष्ट कोरोना वायरस के कारण देशभर में लगाये गए लॉकडाउन के दौरान सोशल मीडिया पर न केवल शिक्षकों को विभिन्न नवाचारों के माध्यम से ऑनलाइन शिक्षण के लिए प्रेरित करते रहे बल्कि स्कूल कॉलेज बन्द रहने पर चिंतित बच्चों और अभ...

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