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डायट नई टिहरी में आयोजित नवाचारी शिक्षकों के सेमिनार में ऑनलाइन शिक्षण पर शिक्षकों ने दी शानदार प्रस्तुतियां।

     जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान नई टिहरी में जनपद के नवाचारी शिक्षकों के दो दिवसीय सेमिनार में पहुंचे नवाचारी शिक्षकों ने कोविड-19 के कारण विद्यालयों के बंद रहने के दौरान छात्रों के लिए ऑनलाइन माध्यम से शिक्षण के अपने अनुभव बांटे। इस अवसर पर कोरोनाकाल में ऑनलाइन शिक्षण के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने वाले शिक्षकों ने पीपीटी और वीडियो स्लाइड के द्वारा अपने नवाचारी कार्यो का रोचक ढंग से प्रस्तुतिकरण किया। इस अवसर पर डायट द्वारा आमंत्रित विशेषज्ञों ने सेमिनार में शामिल शिक्षकों को अनेक उपयोगी सुझाव दिए।


 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान नई टिहरी द्वारा जनपद के नवाचारी शिक्षकों के लिए आयोजित दो दिवसीय सेमिनार के प्रथम दिवस आज जिले के विभिन्न प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और इंटर कॉलेजों के शिक्षकों ने कोरोनाकाल में प्रयोग किये गए ऑनलाइन शिक्षण विधाओं पर अपना अनुभव सांझा किया। उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस के जोखिम के कारण स्कूल कॉलेज बन्द रहने के दौरान शिक्षकों द्वारा विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर शिक्षण के साथ ही अनेक नवाचारी कार्य सम्पन्न किये जा रहे हैं। मौजूदा परिस्थितियों में ऑनलाइन शिक्षण को कैसे अधिक उपयोगी और प्रभावी बनाया जाय, इस आशय के साथ डायट टिहरी द्वारा दो दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी प्राशि सुदर्शन सिंह बिष्ट ने जनपद के अनेक नवाचारी शिक्षकों के कार्यो की सराहना करते हुए कहा है कि कोरोनाकाल में शिक्षकों ने न केवल अपने विद्यार्थिको के पठन पाठन की ऑनलाइन उचित व्यवस्था की है बल्कि विद्यार्थियों के परिवारों को भी अपना बेहतरीन सहयोग दिया है। उन्होंने कहा है कि अच्छा कार्य करने वाले शिक्षकों को जनपद स्तर पर सम्मनित किया जाएगा। उन्होंने कहा है कि विद्यालय स्तर पर शिक्षक अपने नवाचारी कार्यो को उचित माध्यम से विभागीय अधिकारियों तक पहुंचाए।

  इस मौके पर डायट टिहरी द्वारा आमंत्रित विशेषज्ञ के रूप में गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय बादशाहीथौल से शिक्षा संकाय से प्रो. सुनीता गोदियाल, समाजसेवी एवं वरिष्ठ पत्रकार महिपाल सिंह नेगी और आईटी विशेषज्ञ पीएस कठैत ने अपने अनुभव शिक्षकों के साथ बांटते हुए अनेक उपयोगी सुझाव भी दिए हैं। कार्यक्रम में प्रो. सुनीता गोदियाल ने नवाचारी शिक्षकों के कार्यो की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षकों ने कोरोना संकट के दौरान न केवल ऑनलाइन शिक्षण के माध्यम से बच्चों तक अपनी पहुंच बनाये रखी बल्कि इस दौरान जरूरतमंदों को भी मदद देकर मानवता को जीवंत बनाने का शानदार प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि विद्यालयी शिक्षा की भांति ही उच्च शिक्षा में ऑनलाइन शिक्षण के क्षेत्र में अभी तमाम चुनौतियां हैं जिनसे निपटने के लिए अनेक अनुसंधानों की जरूरत है। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता महिपाल सिंह नेगी ने कहा कि ऑनलाइन शिक्षण ने अभी मोबाइल व इंटरनेट की उप्लवधता के साथ ही छोटे बच्चों के लिए इनके संचालन की विधा का अभाव एक बड़ी चुनौती है। ग्रामीण क्षेत्रो में मोबाइल व इंटरनेट अभी भी सभी बच्चों की पहुंच में नही हैं। उन्होंने कहा है कि ऑनलाइन शिक्षण आज समय की जरूरत बन चुकी है और इसे और अधिक प्रभावी बनाये जाने की आवश्यकता है। उन्होंने राजकीय इंटर कॉलेज जाखणीधार के प्रवक्ता सुशील डोभाल द्वारा तैयार किये गए वेबपेज हिमवंत की सराहना की है। आईटी विशेषज्ञ और राइका नागराजाधार कडाकोट के प्रवक्ता  परमवीर सिंह कठैत ने कहा है कि  हमे शिक्षक के रूप में कोविड 19  की चुनौतियों को स्वीकार करते हुए ऑनलाइन शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने के निरंतर नए तरीके ढूंढने होंगे। कार्यक्रम में डायट के प्रभारी प्राचार्य प्रमोद कुमार गुधोनिया ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में शिक्षण की नवीन तकनीकियों को अपनाने की आवश्यकता है और सभी शिक्षकों को टीचिंग टूल्स के रूप में इन्हें उपयोग में लाना होगा। उन्होंने अनेक शिक्षकों के प्रयासों का उदाहरण देते हुए उनकी सराहना की है। कार्यक्रम के सयोजक व डायट के वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ वीर सिंह रावत ने सभी नवाचारी शिक्षकों की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।

     इस अवसर पर अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के प्रभारी विकास बड़थ्वाल, माउंट वेली एसोशिएशन से जुड़े दुर्गा प्रसाद कंसवाल, डायट के वरिष्ठ प्रवक्ता, डॉ वीर सिंह रावत, डॉ दीपक रतूड़ी, देवेन्द्र सिंह भंडारी, जीतेन्द्र सिंह राणा, डॉ मनवीर नेगी, विनोद पेटवाल और मीनाक्षी त्यागी ने भी प्रतिभागी शिक्षकों को अनेक सुझाव दिए।

सेमिनार में आज कई नवाचारी शिक्षकों ने पीपीटी और वीडियो स्लाइड के द्वारा अपनी प्रस्तुतियां दी, जिनमे सुशील डोभाल राजकीय इंटर कॉलेज जाखणीधार, कंचन उनियाल प्राथमिक विद्यालय तपोवन, प्रकाशी सेमवाल उच्च प्राथमिक विद्यालय महरगांव, रविंद्र खाती प्राथमिक विद्यालय ढूंगीधार, डॉ संध्या नेगी इंटर कॉलेज लमगांव, नंदी बहुगुणा,  किशोर सिंह सजवान, राजे सिंह नेगी, मनोज किशोर बहुगुणा, दीपक राणा, गुंजन जैन, हुकम सिंह राणा, सुषमा लखेडा, डॉ विनीता फोनिया, जगबीर सिंह सजवान, पुनीता घड़ियाल, हर्षमणि पांडे,  राकेश चौहान, मनमोहन सिंह कठैत, राजेंद्र सिंह रावत, राकेश चंद्र देवली, हरीश चंन्द्र देवली आदि शामिल थे।

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