दिव्यांग छात्रों के कौशल विकास के लिए विशेष शिक्षक तैयार करेंगे कार्ययोजना, विभाग ने दिए यह निर्देश, शिक्षक संगठनों का लंबित मांगों के लिए सीएम आवास कूच का एलान
सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत विशिष्ट आवश्यकता वाले छात्र-छात्राओं के शैक्षिक, शारीरिक और कौशल विकास को और प्रभावी बनाने के लिए विकासखंड स्तर पर विशेष शिक्षकों की भूमिका तय की गई है। गढ़वाल मंडल के अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक शिक्षा) प्रमेन्द्र कुमार ने इस संबंध में सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और उप शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। दूसरी और राज्य में विशेष शिक्षकों के कई पद वर्षों से खाली पड़े हैं.
निर्देश के अनुसार विशेष शिक्षक अपने विद्यालय की जिम्मेदारियों के साथ-साथ विकासखंड के तहत आने वाले विद्यालयों में अध्ययनरत विशिष्ट आवश्यकता वाले छात्र-छात्राओं की गतिविधियों का समन्वय करेंगे। विद्यार्थियों की विशेष आवश्यकता और क्षमता के आधार पर उन्हें चिह्नित कर उनके विकास के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
अपर शिक्षा निदेशक ने कहा, प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर नियुक्त विशेष शिक्षकों की विशेषज्ञता का लाभ विकासखंड के सभी संबंधित विद्यार्थियों को मिलना चाहिए। इसके लिए विशेष शिक्षकों का समूह बनाकर उनकी दक्षता और अनुभव के आधार पर विभिन्न गतिविधियों की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
समग्र शिक्षा अभियान के तहत विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के साथ उनके शैक्षिक, शारीरिक और विभिन्न कौशलों के विकास के लिए कई कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। निर्देश में कहा गया है कि विशिष्ट आवश्यकता वाले छात्र-छात्राओं को विद्यालयों में समान अवसर और बेहतर माहौल उपलब्ध कराया जाना जरूरी है, ताकि वे अपनी क्षमताओं के अनुरूप आगे बढ़ सकें।
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शिक्षक संगठनों का लंबित मांगों के समाधान के लिए सीएम आवास कूच का एलान
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जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद थापा ने कहा, आरटीई अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी को अनिवार्य किया जा रहा है। जो शिक्षकों के साथ अन्याय है। आरटीई लागू होने से पहले नियुक्ति पा चुके शिक्षकों को इससे छूट दी जाए। यदि सरकार छूट नहीं दे सकती तो शिक्षकों के लिए विशेष टीईटी कराई जाए। टीईटी की अनिवार्यता के चलते विभाग में हजारों शिक्षकों की पदोन्नति लटक गई है। इससे शिक्षकों की नौकरी को भी खतरा बना है। शिक्षा विभाग का त्रिस्तरीय ढांचा पीआरटी, टीजीटी व पीजीटी बनाया जाए। उन्होंने कहा यदि 13 सूत्री सभी मांगों पर शीघ्र अमल न हुआ तो शिक्षक चार नवंबर को शिक्षा निदेशालय में धरना देंगे। इसके बाद संगठन से जुड़े शिक्षक 30 नवंबर को सीएम आवास कूच करेंगे।- Get link
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