उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों का जल्दी होगा ABCD श्रेणियों में वर्गीकरण, शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने दिए यह निर्देश
उत्तराखंड के सरकारी विद्यालयों का जल्दी ABCD श्रेणियां में वर्गीकरण हो सकता है। इसके लिए विभाग द्वारा SOP भी जारी की जा चुकी है। राज्य के स्कूलों में सुगम दुर्गम श्रेणियां के तहत अनिवार्य स्थानांतरणों पर हाई कोर्ट द्वारा रोक लगाये जाने के चलते यह बदलाव किया जा रहा है।
इस संबंध में निदेशक माध्यमिक शिक्षा विनोद प्रसाद सिमल्टी ने सभी जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि दिनांक 03 जुलाई, 2026 को विद्या समीक्षा केन्द्र देहरादून में आहूत बैठक में मा० मंत्री जी, विद्यालयी शिक्षा, उत्तराखण्ड सरकार द्वारा निम्न निर्देश प्रदान किये गये हैं:-
1. एक ही विद्यालय में 10 वर्ष या अधिक ठहराव वाले अध्यापकों की संवर्गवार सूची उपलब्ध करवायी जाय।
2. गम्भीर रूप से बीमार ऐसे शिक्षकों की सूची उपलब्ध करायी जाय जो शिक्षण कार्य करने में अक्षम हैं और अपने कार्यस्थल में नहीं रह सकते हैं, तथा अनिवार्य सेवानिवृत्त किये जाने के पात्र हैं।
3. प्रत्येक जनपद में प्रवक्ता एवं सहायक अध्यापक (एल०टी०) संवर्ग के विषयवार रिक्त पदों को विवरण उपलब्ध करवाया जाय। स्मरण रहे कि विवरण में प्रवक्ता एवं सहायक अध्यापक (एल०टी०) के सापेक्ष कार्यरत अतिथि शिक्षकों के विवरण का भी उल्लेख किया जाय।
4. ऐसे विद्यालय जहाँ चाहरदीवारी सम्पर्क मार्ग, खेल मैदान एवं आपदा से क्षति की मरम्मत की जाती हो तो ऐसे कार्य को VB-G RAM G योजना के अन्तर्गत प्रस्तावित किया जाय।
5. जिन विद्यालयों में शौचालय विशेषतः बालिका शौचालय के व्यवस्था अद्यतन नहीं हुई है, उनमें शौचालय का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर जिला योजना, खनन न्यास, सी०एस०आर० आदि स्रोतों से तत्काल कराया जाय।
6. शिक्षा विभाग की ऐसी समस्याएं जिनका समाधान जिलाधिकारी के स्तर से हो सकता है, के लिए प्रति सप्ताह / पक्ष में जिलाधिकारी के साथ बैठक आयोजित कर विभागीय समस्याओं का समाधान कराया जाय।
7. विद्यालयों की भूमि पंजीकरण, शौचालय, विद्युतीकरण, पेयजल संयोजन की उपलब्धता के सम्बन्ध में जनपद स्तर से नियमित समीक्षा की जाय।
अतः उक्त के आलोक में अवगत कराना है कि मा० मंत्री जी विद्यालयी शिक्षा द्वारा इस माह के अन्त में पुनः समीक्षा की जानी प्रस्तावित है। समस्त जनपद विद्यालयों को ABCD श्रेणियों में वर्गीकृत किये जाने हेतु इस सम्बन्ध में निर्गत SOP का पुनः अवलोकन कर लें। निदेशालय स्तर पर नियोजन अनुभाग के साथ समन्वय स्थापित कर विद्यालयों के श्रेणीकरण की स्पष्टता सुनिश्चित कर ली जाय। यह भी देखने में आ रहा है कि जिन विद्यालयों में वृहद निर्माण कार्य हुआ है, उनमें मरम्मत लघु निर्माण के प्रस्ताव पुनः प्रेषित किये जा रहे हैं, विसंगति पर आपका व्यक्तिगत ध्यान अपेक्षित है।



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