चंदा कोचर, आलेख – सुशील डोभाल. जब भी हम बैंकिंग सेक्टर की ओर देखते हैं तो इस सेक्टर में बड़े पदों पर पुरुषों का ही दबदबा देखा जाता है। लेकिन चंदा कोचर वह नाम है जिन्होंने बैंकिंग सेक्टर में न केवल पुरुषों के वर्चस्व को तोड़ा है बल्कि देश और दुनिया में अपनी अद्भुत कार्यशैली से एक अलग पहचान बनार्इ और पहुँच गयी सफलता के शिखर पर। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पद्म भूषण से सम्मानित और फोर्ब्स मैगजीन में विश्व की सौ सबसे प्रभावशाली महिलाओं के सूची में शामिल चंदा कोचर किस तरह बुलंदियों की शिखर पर पहुंची हैं और फिर कैसे एक आरोप ने उन्हें पहुंचा दिया अर्श से फर्श तक? आइए एक नजर डालते हैं चंदा कोचर के सफरनामे पर. चंदा कोचर- सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर बनते समय चंदा ने कहा था कि “आसमानों की ख्वाहिश रखो , लेकिन धीरे-धीरे चलते हुए , हर कदम का आनंद उठाओ। ये छोटे-छोटे कदम ही हमारे सफर को पूरा करते हैं।“ चंदा को उस वक्त यह अंदाजा नहीं रहा होगा कि उनका बैंकिंग सेक्टर में सफर इतने जल्दी ख़त्म हो जाएगा और वह ‘अर्श से फर्श’ पर पहुँच जाएँगी। चंद...
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